Saturday, June 10, 2006

आपके ब्लाग पर मेरा फ़ोटो तो नहीं?

समीर भाई ने अपनी पोस्ट अपना ब्लाग बेचो, भाई......... में छाया जी को लिखा कि "जरा फ़ोटू वगेरह लगाओ और वो भी नाम भी साथ मे.कैसी भी फोटो हो, लगा दो" तो हमें भी जोश आ गया और अपना फ़ोटो लगा दिया अपने ब्लाग पर। याहू ३६० पर अपना ब्लाग तो बना रखा था जिस पर कभी लिखना शुरू नहीं किया था वहाँ के प्रोफ़ाईल पर भी फ़ोटो चिपका दिया। यहाँ आपको बता दें कि फ़ोटॊ लगाने से पहले हमारे मन में कई प्रकार के विचार आए। हमने सुन रखा था कि इटरनेट पर कई लोग फ़ोटो का दुरुपयोग भी कर लेते हैं। फ़िर सोचा हम कोई जान ईब्राहिम तो है नहीं जिसकी फ़ोटो कापी कर के लोग अपने पास सेव कर लेंगे और बेधड़क हो के लगा दिया अपना फ़ोटो।



हैरानी तो आज तब हुई जब एक बंदे Psycho Nathan का ईमेल आया जो मुझे अपने ३६० याहू पर अपना दोस्त बनाना चहता था। अब जब इस बंदे के ब्लाग पर जब गया तो देखता क्या हूं कि उसने अपने प्रोफ़ाईल में अपनी जगह मेरी फ़ोटो लगा रखी थी। अब हालत यह है कि मैंने अपने ब्लाग से अपनी फ़ोटो हटा ली है मगर मेरी फ़ोटो उसके ब्लाग पर लगी हुई है। कोई बताए इसका कोई हल है?

6 comments:

Raviratlami said...

हा हा हा! यह भी ख़ूब रही.

आप कुछ नहीं कर सकते. क्या वह बंदा आपका हमशकल नहीं हो सकता?

पर, दूसरे विचार में आप कुछ कर सकते हैं. आप प्लास्टिक सर्जरी करवा कर अपनी शकल बदल लें. :)

वैसे, आपकी जानकारी के लिए, एक बंदा रतलाम में है, वह अपने राष्ट्रपति महामहिम अब्दुल कलाम, का जीवित प्रतिरूप है. एकदम डुप्लीकेट. यहाँ तक कि वह अपने उस रुप सहित राष्ट्रपति से मिल भी चुका है!

बस, हँसते रहिए इस मजेदार वाकये पर.

हाँ, आपकी शकल ही ऐसी है कि कोई भी वैसा रूप पाना चाहेगा :)

Manish said...

ओह ये तो बहुत बुरा हुआ !:p
मेरी माने तो तुरंत समीर जी पर कनाडा की अदालत में भोले भाले चिट्ठाकारों को गुमराह करने का दावा ठोकें। मुझे पूरा विश्वास है कि आपके साथ जो घटना घटी है उसे देखते हुये आपको मुवायजे की अच्छी खासी रकम मिल जाएगी । उस रकम से आप रवि जी की सर्जरी वाली सलाह अमल में ला सकते हैं। :)

संजय बेंगाणी said...

तो क्या अब हमें छद्म नाम और छद्म फोटो के साथ ब्लोग लिखना पड़ेगा.

Neeraj said...

वो आपका भक्त बन गया है. अद्वैत उपासना में लीन. चिपकाने दो फ़ोटू. आप फ़्रिक्र ना करें.

ई-छाया said...

बहरहाल वाकया अजीबोगरीब है, समीर जी बेचारे ने सलाह तो शायद नेक इरादों से दी होगी मुझे, पर इन्ही किन्ही कारणों से मैने नही मानी थी। आपकी तस्वीर लगाने लायक है तभी चुराई गई है, पर मुझे नही लगता घबराने की कोई बात है, कुछ दिनों में इस साइको को कोई और तस्वीर मिल जायेगी और फिर आपकी तसवीर की जगह वो दिखाई देगी। ये भी ट्रैफिक खींचने का एक तरीका है।

Jagdish Bhatia said...

नहीं नहीं, इसमें समीर भाई का दोष नहीं। एक अजीब और दिलचस्प वक्या था तो लिख दिया।

सुझावों के लिये आप सब का शुक्रिया।